इस योजना के तहत फसलों की ग्रेडिंग-पैकेजिंग हेतु मिलेगी सहायता


खेती किसानी के बुनियादी ढांचे को प्रोत्साहन देने के लिए 24 नवंबर को हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के पीटरहॉफ में राज्य स्तरीय कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है। कृषि मंत्री प्रो. चंद्र कुमार की अध्यक्षता में होने वाले इस कॉन्क्लेव में कृषिबागवानी से संबंधित 160 से ज्यादा विभिन्न हितधारक भाग लेंगे। भारत के किसानों को आर्थिक तौर से सशक्त बनाने एवं उन्हें ग्रामीण उद्योग के साथ जोड़ने के लिए केंद्र सरकारकृषि अवसंरचना कोष योजना” (Agriculture Infrastructure Fund Scheme) चला रही है। इसी योजना के अंतर्गत कृषि के बुनियादी ढांचे को प्रोत्साहन देने के लिए शुक्रवार (24 नवंबर) को हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के पीटरहॉफ में राज्य स्तरीय कॉन्क्लेव का भव्य आयोजन किया जा रहा है। कृषि मंत्री प्रो. चंद्र कुमार की अध्यक्षता में होने वाले इस कॉन्क्लेव में कृषिबागवानी क्षेत्र से संबंधित 160 से ज्यादा विभिन्न हितधारक हिस्सा लेंगे। 

बतादें, कि इस कॉन्क्लेव के चलते विभिन्न हितधारकों को भारत सरकार के कृषि अवसंरचना कोष के विषय में विस्तृत जानकारी प्रदान की जाएगी। कृषि सचिव हिमाचल प्रदेश सी पालरासू ने कहा है, कि केंद्र सरकार की तरफ से भारत भर में फार्मगेट और एकत्रिकरण बिंदुओं, प्राथमिक कृषि सहकारी समीतियों, किसानउत्पादक संगठनों, कृषि उद्यमियों, स्टार्टअप इत्यादि पर कृषि अवसंरचना परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए भारत सरकार द्वारा 1 लाख करोड़ का प्रावधान किया गया है।

कृषि सचिव ने इसको लेकर क्या कहा है 

कृषि सचिव ने कहा है, कि इस कोष के अंतर्गत कोल्डचेन इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास के साथ फार्मगेट इन्फ्रास्ट्रक्चर जिसमें खेतों में ही छंटाई, ग्रेडिंग और पैकेजिंग सुविधा स्थापित करने के लिए मदद प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त रसद एवं परिवहन के क्षेत्र में भी वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस कोष के लिए निजी संस्थाओं के साथसाथ एफपीओ, पीएसीएस, स्वंय सहायता समूह, जेएलजी, सहकारी समितियों, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की सहकारी समितियों के संघ, एफपीओ के संघ और एसएचजी के संघ पात्र लाभार्थी होंगे। बतादें, कि इस कॉन्क्लेव में समस्त हितधारकों जिनमें कृषि बागवानी विभाग, मार्केटिंग बोर्ड, नाबार्ड, एसएलवीसी और एलडीएम्स, बैंकों के प्रमुख, उद्योग विभाग, सीए, कृषि उद्यमी समेत अन्य हितधारकों को विशेष रूप से शम्मिलित होने के लिए आमंत्रित किया गया है। कॉन्क्लेव में भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के संयुक्त सचिव तथा उनकी टीम भी प्रमुख तौर पर भाग लेगी।

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कृषि अवसंरचना कोष से आप क्या समझते हैं 

यह भारत सरकार द्वारा कृषि के बुनियादी ढांचे को प्रोत्साहन देने के लिए जारी की गई एक महत्वपूर्ण पहल है। यह परियोजना 2020-21 से 2032-33 तक जारी रहेगी। साथ ही, इसके अधीन प्रारंभिक 6 वर्ष में यानि 2026 तक ऋण वितरण का कार्य पूर्ण किया जाएगा। कृषि अवसंरचना कोष का मुख्य उद्देश्य कृषि उपज के एकत्रिकरण एवं विपणन के लिए बुनियादी सुविधाओं को बढ़ाना है। भंडारण सुविधाओं का आधुनिकीकरण करके फसल कटाई के पश्चात होने वाली हानि को कम करना एवं किसानों की पैदावार को प्रभावी तौर से बाजारों तक पहुंचाने के लिए एक निर्बाध आपूर्ति श्रृंखला की सुविधा प्रदान करना है। इस परियोजना के अंतर्गत निजी संस्थाओं के साथसाथ एफपीओ, पीएसीएस, स्वंय सहायता समूह, जेएलजी, सहकारी समीतियों, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की सहकारी समीतियों के संघ, एफपीओ के संघ और एसएचजी के संघ पात्र लाभार्थी होंगे।


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